दोस्तों! आज मैं आपके लिए बहुत ही खास विषय पर अर्थात shayari on maa और shayari on maa in hindi लेकर आया हूँ । उम्मीद करता हूं कि आप को shayari on maa भी बहुत पसंद आएगी ।
माँ वह हस्तीहै जो अपने बच्चों के लिए अपनी जान न्योछावर करती हैं । कोई भी तकलीफ हो बच्चो को दर्द उसे होता है । माँ के जैसा ईस दुनिया में कोई रिश्ता नहीं है । माँ अनमोल हैं । अपनी माँ की दुआएं ले और खयाल रखें ।माँ के बगैर घर कब्रिस्तान लगता है ।
माँ के लिए क्या लिखूं ।
माँ की ही तो लिखावट हूँ मैं ।
दवा असर ना करें तो नज़र उतारती है ।
माँ हैं जनाब! वो थोड़ी ही हार मानती हैं ।
माँ पहले आंसू आते थे और तू याद आती थी ।
अब तु याद आती है, और आंसू निकल आते है ।
माँ ना होगी तो वफा कौन करेगा ।
ममता का हक अदा कौन करेगा ।
या अल्लाह! हर माँ को हमेशा सलामत रखना,
वरना हमारी जिंदगी के लिए दुआ कौन करेगा ।
पर क्या लगे, घोसले से उड़ गयें सभीवह फिर अकेली रह गई बच्चो को पाल कर ।
लबों पर उसके कभी बद-दुआ नहीं होती ।एक माँ है जो अपने बच्चो से कभी ख़फ़ा नहीं होती ।
ए जिंदगी! तुने मुझे तोड़ कर रख दिया ।जाकर पुछ मेरी माँ से, कितना लाड़ला था मैं ।
हवा दुःखों की जब भी आई क़ज़ा की तरह ।मुझे छुपा लिया मिटटी ने मेरी माँ की तरह ।
समंदर आंख में रखकर मैं ये सोच रहा हूँ ।जब माँ चली जाती है तो दुःख किसको बताते हैं ।
तेरी आग़ोश में जन्नत और जहां दोनों का मज़ा था ।इस पत्थर पर सर रख कर मुझे सोया नहीं जाता ।
चलती-फिरती आंखो से अजां देखी है ।मैं ने जन्नत तो नहीं देखीं पर मां देखी है ।
उंगलीयां फेर कर बालों में सुला दे मुझको ।गुनगुनाते हुए आंचल की हवा दे मुझको ।
ए जिंदगी! तुने मुझे तोड़ कर रख दिया ।जाकर पुछ मेरी माँ से, कितना लाड़ला था मैं ।
मैं डूब भी जाता हूँ तो दरिया उछाल देता है ।जाने वह कौन है जो मुझको दुआ देता है ।
सख़्त राहों में आसान सफर लगता है ।ये मेरी माँ की दुआओं का असर लगता है ।
रब ने मां अज़मत कमाल दी ।उसकी दुआओं पर आई मुसीबत भी टाल दी ।क़ुरान ने माँ के प्यार की ईस तरह मिसाल दी ।जन्नत उठाकर माँ के क़दमो में डाल दी ।
किसी को घर मिला हिस्से में, किसीको दुकां आई ।मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई ।
प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहीए ।तेरे आंचल की ठंडी हवा चाहीए ।
माँ तेरे दुध का ह़ी हमसे अदा क्या होगा ।तु है नाराज़, तो खुश हमसे खुदा क्या होगा ।
कहां होता है इतना तजुर्बा हकीम के पास ।माँ आवाज सुनकर बुखार नाप लेतीं हैं ।
जो मांगु वह दे दिया कर, जिंदगी!तु भी मेरी माँ की तरह बन जा ।
हालात बुरे थे मगर अमीर बनाकर रखतीं थीं ।हम गरीब थे, ये बस हमारी माँ जानतीं थीं ।
रूह के रिश्ते की गहराईयां तो देखों ।चोंट हमें लगतीं और तकलीफ़ माँ को होती है ।
ए अंधेरे! देख ले मुंह तेरा काला हो गया ।
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया ।
मुन्नवर राना
इस तरह मेरे गुनाहों को धो देती हैं ।
माँ बहुत गुस्से में हो तो रो देती हैं ।
मुन्नवर राना
बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुवा हमने ।
माँ ने गोद में उठाया तब आसमान छुवा हमने ।
मुन्नवर राना
मेरी ख़्वाहिश है कि फिर से फरिश्ता हो जाऊं ।
माँ से इस तरह लिपट जाऊं के बच्चा हो जाऊं ।
मुन्नवर राना
यूं तो अब कुछ खास दिखाई नहीं देता लेकिन,
माँ अभी तक मेरे चहरे को पढ़ा करती हैं ।
मुन्नवर राना
मेरे इन्तजार में खुली आँखों से बस वहीं सो सकती है ।
मेरे दुःख में, मुझसे भी ज्यादा बस वहीं रो सकती हैं ।
माँ के कदमों के निशां है की दियें रौशन है ।
गौर से देख वहीं पर कहीं जन्नत होगी ।
माँ सबकी जगह ले सकती है मगर ।
माँ की जगह कोई नहीं ले सकता ।
माँ तो माँ होती है पहचान लेती हैं ।
आँखे सोने की वजह से लाल है या रोने की वजह से ।
सारी खुशियाँ मिलाकर देखीं है ।
तेरे जाने का ग़म ज्यादा हैं "माँ "।
या रब! मेरीमाँ को वाज़वाल रखना ।
मैं रहूंया ना रहूं, मेंरे माँ का खयाल रखना ।
मेरी खुशियां भी लेलो, मेरी सांसे भी लेलो,
मगर मेरी माँ के गिर्द हमेशा खुशियों का जाल रखना ।
आखिरी शब्द: अगरआपको हमारी कोशिश (shayari on maa) अच्छी लगी हो तो इसे जरूर अपने माँ, दोस्तों और परिवार के साथ भी शेयर करें ।








0 टिप्पणियाँ
If you have any problems with the content, please let me know.